डिफोरेस्टेशन क्या होता है? इससे ग्लोबल वॉर्मिंग को कैसे बढ़ावा मिलता है?

डिफोरेस्टेशन का मतलब है कि जंगलों या वन क्षेत्र को शहरी गतिविधियों के लिए काटा जाना। हिन्दी में डिफोरेस्टेशन को निर्वनीकरण भी कहा जाता है| खेती, खनन या इमारत आदि बनाने के लिए जंगलों को काटा जाना इसका उदाहरण है। कार्बन चक्र में पेड़ों की बहुत अहम भूमिका होती है। वे फोटोसिंथेसिस (प्रकाश संश्लेषण) प्रक्रिया के जरिए हवा में मौजूद कार्बन डाई ऑक्साइड को ऑक्सीजन में बदलते हैं। इस तरह वे कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा पर निगरानी रखने वाले प्राकृतिक चौकीदार हैं। वे वातावरण में ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित करते हैं। जंगलों को काटे जाने से कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा बढ़ रही है, इससे ग्लोबल वॉर्मिंग का खतरा बढ़ता है।

प्रकाशित तिथि:मई 28, 2014
सभी चित्र को देखें