नवोदित वैज्ञानिक को एप्को का समर्थन

बाल वैज्ञानिकों की खोजनवोदित वैज्ञानिक को एप्को का समर्थन इटरनल स्कूल ऑफ सव्डीज़, शाजापुर, म.प्र. के छात्र मास्टर नचिकेत झाला को दिसम्बर 2014 में रखी राष्ट्रीय बाल विज्ञान काँग्रेस-2014, बेंगलूरू में उत्तम शोध पत्र के लिए पुरस्कृत किया गया है।मास्टर नचिकेत ने अपना शोध शाजापुर जिले में "इफेक्ट ऑफ राइजिंग टेम्परेचर आन ऑर रिजनल क्रॉप्स" विषय पर किया है, जिसे कृषि के संदर्भ मे मौसम और जलवायु को समझने की विषयवस्तु के अंतर्गत प्रस्तुत किया गया है।देश के सबसे बड़े बाल वैज्ञानिक कार्यक्रम में उनके द्वारा प्रदर्शित वैज्ञानिक योग्यता और उनके द्वारा बनाई गयी पहचान को ध्यान में रखते हुए म.प्र. राज्य जलवायु परिवर्तन ज्ञान प्रबंधन केन्द्र, एप्को, भोपाल में बुलाया गया था। जिसके द्वारा हम उनके शोध को समझ सके व हमारे तरफ से सहायता प्रदान करने की संभावनाओं को तलाश कर सकें। इस संदर्भ में मास्टर नचिकेत झाला के द्वारा म.प्र. राज्य जलवायु परिवर्तन ज्ञान प्रबंधन केन्द्र में उन्होंने अपने शोध का विषय, कार्यप्रणाली, प्रक्रिया और निष्कर्षों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में उनके साथ चार अन्य छात्रों ने मिलकर एक समूह में डॉ. राजीव उमठ के मार्गदर्शन में यह शोध किया।एप्को के कार्यपालन संचालक, श्री अजातशत्रु श्रीवास्तव ने 12 वर्षीय छात्र मास्टर नचिकेत को उसकी ख्याती पर उसे बधाई दी और उसे, उसके माता-पिता एवं उसके मार्गदर्शक को सभी संभव मदद देने का आश्वासन दिया ताकि इस नवोदित वैज्ञानिक की वैज्ञानिक अभिरुचि को बनाए रखा जा सके।मास्टर नचिकेत, डॉ. प्रमोद वर्मा, महानिदेशक, म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से भी मिले और उन्हें भी अपने शोध की जानकारी दी। महानिदेशक, म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी ने उन्हें बधाई दी और म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की तरफ से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।  म.प्र. राज्य जलवायु परिवर्तन ज्ञान प्रबंधन केन्द्र, एप्को की तरफ से मास्टर नचिकेत को उनकी उपलब्धी और प्रयास के लिए प्रशंसा पत्र दिया गया। 

प्रकाशित तिथि:जनवरी 30, 2015
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