वर्षा विश्लेषिकी

मध्य प्रदेश वर्षा डेटा विज़ुअलाइज़ेशन

बारिश जलवाष्प का संघनित रूप है जो बूंदों के रूप में बादलों से गुरुत्वाकर्षण के कारण गिरती है तथा जल चक्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है | ग्लोबल वार्मिंग में वृद्धि ग्रीनहाउस गैसों में बढ़ोतरी के कारण हो रही है | जब भी तापमान में वृद्धि होती है तब वायुमंडल की जल धारण करने की क्षमता भी बढ़ जाती है | सतही गर्मी के कारण तापमान में वृद्धि होने के साथ वाष्पीकरण भी बढ़ता है |

विश्व में जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ वर्षा का पैटर्न भी बदल रहा है | जिन क्षेत्रों में अधिक वर्षा होती थी, वहा अब और अधिक वर्षा होने लग गई है एवं जहाँ कम वर्षा होती थी वहाँ अब सूखे की स्थिति निर्मित हो रही है, तूफान अधिक तीव्र होते जा रहे हैं जिस कारण दुनिया में मौसम अराजक हो गया है | आईपीसीसी के अनुसार औसत वैश्विक तापमान में वृद्धि की वजह से वर्षा और वायुमंडलीय नमी में परिवर्तन होने की संभावना है, जिसके कारण तूफानों के दौरान अत्यधिक वर्षा होने की संभावना बढ़ जायेगी | क्षोभमंडल (ट्रोपोस्फीयर) के तापमान में वृद्धि होने के कारण वाष्पीकरण दर में वृद्धि होती है, जिससे नमी के संचरण में वृद्धि होती है | क्षोभमंडल में अधिक नमी होने से तेज़ वर्षा होती है जिस कारण बाढ़ की स्थिति निर्मित हो सकती है | इसके विपरीत, अन्य क्षेत्रों में गर्म तापमान के कारण सूखे की स्थिति में वृद्धि हो सकती है | विभिन्न परिदृश्यों के माध्यम से देखी गई ज़िले-वार वर्षा एवं RCP परिदृश्य के आधार पर अनुमानित वर्षा का विश्लेषण तुलना बार चार्ट और ग्राफ लाइन के रूप में सरलता से उपयोग कर सकेंगे|

मध्यप्रदेश में जिलावार अनदेक्षित वर्षा

  • कोई डेटा उपलब्ध नहीं है
  • 0 से< 5 मिमी
  • 5 से < 10 मिमी
  • 10 से < 15 मिमी
  • 15 से < 20 मिमी
  • 20 से < 25 मिमी
  • 25 से < 30 मिमी
  • 30 से < 35 मिमी
  • 35 मिमी से ऊपर

मध्यप्रदेश में वार्षिक वर्षा का रुझान

मासिक ड्रिल रिपोर्ट उपलब्ध

वर्षा प्रवृत्ति के लिए जिला वार तुलनात्मक विश्लेषण

मासिक ड्रिल रिपोर्ट उपलब्ध

उच्चतम और निम्नतम वर्षा के रिकॉर्ड वाले जिले